Day 22 – Colossians 3:23 (जो भी करो, पूरे मन से करो) | 30-Day Bible Study Plan

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Day 22 – Colossians 3:23 (जो भी करो, पूरे मन से करो)

22/30 Days
"जो कुछ तुम कर रहे हो, उसे मन से करो, जैसे मनुष्य के लिए नहीं, बल्कि प्रभु के लिए।" – Colossians 3:23

यह वचन हमें सिखाता है कि हमें अपने सभी कार्यों को पूरे मन और ईमानदारी से करना चाहिए, क्योंकि हम वास्तव में उन्हें प्रभु के लिए करते हैं।

पद का अर्थ (Meaning of the Verse)

यह पद हमें सिखाता है कि हमारे सभी कर्म, चाहे बड़े हों या छोटे, उन्हें ईमानदारी और पूरे मन से करना चाहिए। जब हम अपने कार्यों को केवल इंसानों के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर के लिए करते हैं, तो हमारा जीवन सार्थक और आशीषपूर्ण बनता है। यह न केवल हमारी कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि हमारे चरित्र और आध्यात्मिक जीवन को भी मजबूत करता है।

सरल भाषा में: चाहे आप कोई भी काम कर रहे हों - पढ़ाई, नौकरी, घर का काम, या सेवा - उसे पूरी लगन और ईमानदारी से करें। यह सोचकर करें कि आप यह काम भगवान के लिए कर रहे हैं, न कि सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए या पैसों के लिए।

इस वचन में दो महत्वपूर्ण बातें हैं:

  1. हमें अपना काम पूरे मन से करना चाहिए (केवल दिखावे के लिए नहीं)
  2. हमें अपना काम मनुष्यों के लिए नहीं बल्कि प्रभु के लिए करना चाहिए

पृष्ठभूमि (Background)

पौलुस ने कोलोसियों को यह संदेश दिया कि जीवन में किसी भी काम को केवल दिखावे या मानव प्रशंसा के लिए नहीं करना चाहिए। बल्कि हर कार्य को ईश्वर के लिए समर्पित करके करना चाहिए। इससे हमारा काम पूर्णता और सफलता के मार्ग पर चलता है।

जानिए: कोलोस्से एशिया माइनर (आधुनिक तुर्की) का एक शहर था। पौलुस ने यह पत्र लगभग 60-62 ईस्वी में लिखा था, जब वह रोम में कैद था। कोलोस्से की कलीसिया के सदस्य विभिन्न गलत शिक्षाओं के प्रभाव में आ रहे थे। पौलुस ने उन्हें सच्चे मसीही जीवन के बारे में सिखाया।

प्रभु के लिए काम करने के लाभ

  • अर्थ और उद्देश्य: छोटे से छोटा काम भी महत्वपूर्ण बन जाता है जब हम इसे प्रभु के लिए करते हैं
  • गुणवत्ता: जब हम प्रभु के लिए काम करते हैं, तो हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं
  • संतुष्टि: हमें अपने काम से गहरी संतुष्टि मिलती है, चाहे उसकी सराहना हो या न हो
  • दृष्टिकोण: कठिन काम भी आनंददायक बन जाते हैं जब हम उन्हें प्रभु के लिए करते हैं
  • आशीष: परमेश्वर हमारे समर्पण और ईमानदारी को आशीष देता है

समर्पण का चित्र

जिस प्रकार एक कलाकार अपनी कला को पूरे मन से बनाता है, चाहे कोई देख रहा हो या नहीं, उसी प्रकार हमें अपने सभी कार्यों को पूरे मन से करना चाहिए, क्योंकि हम जानते हैं कि परमेश्वर हमें देख रहा है।

जीवन में उपयोग (Life Application)

  • ईमानदारी से काम करें: चाहे ऑफिस, घर या सेवा का काम हो, पूरी मेहनत और समर्पण से करें। अपने काम की गुणवत्ता पर ध्यान दें, चाहे कोई देख रहा हो या नहीं।
  • प्रशंसा के लिए न करें: काम करते समय लोगों की तारीफ या पुरस्कार की चिंता न करें। अपना ध्यान केवल काम पर रखें और उसे अच्छी तरह से करें।
  • परमेश्वर के लिए समर्पण: हर कार्य को परमेश्वर के लिए अर्पित करें और उसे मन से करें। काम शुरू करने से पहले प्रार्थना करें कि परमेश्वर आपके काम को आशीष दे।
  • जीवन में अनुशासन: यह पद हमें अनुशासन और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देता है। अपने दैनिक कार्यों में अनुशासन बनाए रखें, चाहे वे कितने भी छोटे क्यों न हों।
  • सभी क्षेत्रों में: इस सिद्धांत को अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में लागू करें - पारिवारिक जीवन, कार्यस्थल, सामाजिक संबंध, और आध्यात्मिक सेवा।

आज इसे आजमाएं: आज जब भी आप कोई काम करें, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, इस वचन को याद करें: "जो कुछ तुम कर रहे हो, उसे मन से करो, जैसे मनुष्य के लिए नहीं, बल्कि प्रभु के लिए।" और उस काम को पूरे मन से करें, यह सोचकर कि आप इसे प्रभु के लिए कर रहे हैं।

ध्यान (Meditation)

आज अपने दिन की गतिविधियों पर ध्यान दें। सोचें कि आपने क्या कार्य केवल दिखावे के लिए किए और क्या आपने परमेश्वर के लिए समर्पित होकर किए। हर कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का संकल्प लें।

ध्यान के लिए प्रश्न:

  • मैं अपने दैनिक कार्यों को किस दृष्टिकोण से करता हूँ - मनुष्यों को खुश करने के लिए या परमेश्वर की सेवा के लिए?
  • मेरे जीवन के किन क्षेत्रों में मुझे इस सिद्धांत को लागू करने की सबसे अधिक आवश्यकता है?
  • क्या मैं अपने सभी कार्यों को पूरे मन से करता हूँ, या कुछ कार्यों में मैं सिर्फ औपचारिकता निभाता हूँ?

प्रार्थना (Prayer)

"हे प्रभु, मुझे अपने सभी कार्यों में पूरी ईमानदारी और समर्पण की कृपा दे। मेरी मेहनत और प्रयास केवल तेरे लिए हों, ताकि मेरे जीवन से तेरी महिमा बढ़े। मेरे मन को हमेशा सही दिशा में बनाए रख और मुझे पूरे मन से काम करने की शक्ति दे।

जब मैं थकान या निराशा महसूस करूं, तो मुझे याद दिला कि मैं तेरे लिए काम कर रहा हूँ। मेरी मदद कर कि मैं हर काम, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, उसे पूरी लगन और उत्साह से करूं।

आमीन।"

आप अपने शब्दों में भी प्रार्थना कर सकते हैं। परमेश्वर आपकी ईमानदारी से की गई प्रार्थना सुनता है。

सामान्य प्रश्न (FAQs)

क्या इसका मतलब है कि हमें सिर्फ धर्म कार्य ही करना चाहिए?

नहीं, यह पद कहता है कि चाहे कोई भी काम हो – घर का, ऑफिस का, सेवा का – उसे पूरे मन से और ईश्वर के लिए करना चाहिए। परमेश्वर हमारे जीवन के सभी पहलुओं में interested है, न कि केवल धार्मिक गतिविधियों में। हम अपनी daily routine के कामों के through भी परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं।

काम परमेश्वर के लिए कैसे माना जाता है?

जब हम काम करते समय स्वार्थ, दिखावा या मानव प्रशंसा से ऊपर उठकर उसे ईश्वर के उद्देश्य और सेवा के लिए करते हैं। हम अपना काम परमेश्वर के लिए कर रहे हैं जब:

  1. हम इसे ईमानदारी और integrity के साथ करते हैं
  2. हम अपना best effort देते हैं, चाहे कोई देख रहा हो या नहीं
  3. हम अपने काम के through दूसरों की सेवा करते हैं
  4. हम अपने काम को परमेश्वर को समर्पित करते हैं

क्या यह पद केवल वयस्कों के लिए है?

नहीं, यह जीवन के हर व्यक्ति, चाहे बच्चा, युवा या वृद्ध, सभी के लिए प्रासंगिक है। बच्चे इसे अपनी पढ़ाई और घर के कामों में apply कर सकते हैं। युवा इसे अपने career और relationships में apply कर सकते हैं। वृद्ध इसे अपने अनुभवों और wisdom को share करने में apply कर सकते हैं।

क्या इसका मतलब है कि हमें अपने काम की सराहना की उम्मीद नहीं करनी चाहिए?

सराहना प्राप्त करना स्वाभाविक है और यह अच्छी बात है, लेकिन हमारा मुख्य उद्देश्य सराहना प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। हमें अपना काम मुख्य रूप से परमेश्वर को खुश करने के लिए करना चाहिए, न कि केवल मनुष्यों की प्रशंसा पाने के लिए। जब हमारा काम अच्छा होता है, तो many times सराहना automatically मिल जाती है, लेकिन वह हमारा मुख्य motivation नहीं होनी चाहिए।

Final Thoughts

Colossians 3:23 हमें याद दिलाता है कि हर कार्य में ईमानदारी और समर्पण आवश्यक है। जब हम अपने जीवन के हर पहलू में परमेश्वर के लिए काम करेंगे, तो न केवल हमारा जीवन सफल होगा बल्कि यह दूसरों के लिए प्रेरणा भी बनेगा। यह वचन हमारे दैनिक जीवन का मार्गदर्शन और प्रेरणा स्रोत है।

आज का अध्ययन पूरा हुआ! भगवान आपके काम को आशीर्वाद दे!